काल के कपाल पे लिखता मिटाता हूं, गीत नया गाता हूं... अटलजी की ये कविताएं सोच बदलने की ताकत रखती हैं

By anand raikwar - August 16, 2020

अटल बिहारी वाजपेयी की आज दूसरी पुण्यतिथि है। 16 अगस्त 2018 को आज ही के दिन ये महान जननायक अनंत में विलीन हो गया था। अटलजी एक बेमिसाल कवि भी थे और उनका मन हमेशा कविताओं में ही बसता था। वे अक्सर कहा करते थे कि, 'ये दिल्ली की राजनीति मुझ जैसे कवि को निगल जाती है, लेकिन मैं फिर भी डटा रहूंगा और लिखता रहूंगा।'

अटलजी की पुण्यतिथि पर हमने फिर से संजोई है उनकी 10 चुनिंदा कविताएं जो उन्होंने अपने 60 साल के राजनीतिक सफर के दौरान अलग-अगल मौकों पर खूब इमोशनल होकर लिखी हैं। इनमें उनके खुद के जीवन और देश की वो बाते हैं जो झकझोर कर देती हैं। आप भी पढ़िए, और शेयर जरूर कीजिए...



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atalbihari vajpayee death anniversary, atalji's famous poem to share


source /happylife/news/famous-kavitayen-poem-of-ex-pm-atalbihari-vajpayee-on-his-death-anniversary-127620414.html

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