आजादी के बाद हो रहे इस सबसे बड़े पलायन की असलियत और उससे वास्ता रखने वाली मार्मिक कहानियों की चुनिंदा तस्वीरें
मई के पहले हफ्ते से ही महाराष्ट्र से मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत बाकी राज्यों के लिए प्रवासियों का पलायन तेज हो गया था। इनमें ज्यादातर मजदूर थे। अखबारों, टीवी चैनलों और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भूखे, पैदल चल रहे, ट्रक-टेंपों में लदे इन प्रवासियों की तस्वीरें आने लगीं थीं।
दैनिक भास्कर पिछले पांच दिनों से इन प्रवासियों के पलायन की कहानियां आप तक पहुंचा रहा था। सीधे वहां से, जिस रास्ते सबसे ज्यादा प्रवासी महाराष्ट्र से निकलकर बाकी राज्यों में अपने घर पहुंच रहे हैं।
कोशिश यही थी कि शायद आजादी के बाद हो रहे इस सबसे बड़े पलायन की असलियत और उससे वास्ता रखने वाली मार्मिक कहानियों से आप भी वाकिफ हो सकें।
इसी लक्ष्य के साथ 17 मई की दोपहर 1 बजे मुंबई के ढाणे से हमारा सफर शुरू हुआ। नासिक हाईवे होते हुए महाराष्ट्र-मध्यप्रदेश बॉर्डर पार की और फिर इंदौर, झांसी और प्रयागराज होते हुए हम बनारस पहुंचे।
1500 किमी से ज्यादा के सफर में 100 घंटे तक लाइव रिपोर्टिंग और 16 रिपोर्ट्स के जरिए आपको सीधे उस हाईवे और उन प्रवासियों के गांवों तक पहुंचाने की कोशिश की। इस सफर में हमनें कुछ तस्वीरें लीं, उन्हें इस फोटो स्टोरी में साथ जुटाया है-

















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source https://www.bhaskar.com/dboriginal/news/migrant-workers-pictures-from-mumbai-nashik-highway-via-bijasan-mata-mandir-indore-dewas-jhansi-madhya-pradesh-up-border-to-prayagraj-and-banaras-127325178.html


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